Saturday, December 19, 2015

वापस चेन्नई

आज वापस चेन्नई आ गये।

शहर चल तो रहा है पर थोड़ा सुस्त सा.....
चेहरे भी कुछ उदास से हैं और कुछ नाराज़ से.....                    
शिकायत कुछ 'उस' से है कुछ अपने आप से....
सिमट गया था जब शहर का दायरा तो दिल और बड़े हो गये थे.... एक पन्ना और पलट गया बस वक्त की किताब का।

3 comments:

Mithilesh dubey said...

SNAKE BOY: खतरनाक सांपों से खेलना है इनका शौक
http://mp.patrika.com/landing_preview.php?catslug=chhindwara&newslug=his-hobby-is-playing-with-dangerous-snakes-saved-the-lives-of-more-than-500-snakes-18599

Rewaopen said...

बहुत ही अच्छा आपने लिखा हैं मैं आपके लेख को पढ़ कर बहुत ही हर्षित हुआ। gk in hindi----gk in hindi ----gk in hindi

Rewaopen said...

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